बुलडोज़र राज के ख़िलाफ़ प्रथम मई से महीने भर का अभियान ÷भाकपा माले


 

रिपोर्ट ;- वारिस अली 

डेहरी /रोहतास   

ग़रीबों के घर-बार पर - नहीं चलेगा बुल्डोज़र!

भारत के भाईचारे पर - नहीं चलेगा बुल्डोज़र!

भारत के संविधान पर - नहीं चलेगा बुल्डोज़र!  


भाकपा माले नेता कामरेड अशोक सिंह ने प्रेस बयान जारी कर हमारे वरिष्ठ संवाददाता वारिस अली को बताया कि

देश भर में 'अतिक्रमण' हटाने के बहाने मेहनतकश-गरीबों के घरों-ठेलों-दुकानों आदि पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं. इसमें भाजपा की सरकारें और नगर निगम इत्यादि चुन-चुन कर मुसलमान मेहनतकश-गरीबों को 'बांग्लादेशी' और 'दंगाई' बताकर उनपर खास निशाना साध रहे हैं. भाजपा ने 'बुलडोजर' को अपना नया चिन्ह-सा बना लिया है – एक गरीब-विरोधी और मुस्लिम-विरोधी चिन्ह. ऐसे में जरूरी है कि देश के गरीब और मेहनतकश एकजुट होकर इस भाजपाई 'बुलडोजर राज' का प्रतिरोध करें. हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई समुदायों के मेहनतकश एक स्वर में कहें - गरीबों के आवास और रोजगार पर; सामाजिक मेल-मिलाप और भाईचारे-बहनापे पर, और देश के संविधान पर बुलडोजर चलाना बंद करें. इस सिलसिले में देश के लोगों को सचेत करने और प्रेरित करने के लिए भाकपा-माले मई दिवस (1 मई) से महीने भर का अभियान चलाएगी