लालबहादुर शास्त्री का जयंती धूमधाम के साथ मनाया गया, डिहरी प्रखंड कार्यालय पर मनाया गया,


 कमलेश मिश्रा की रीपोर्ट ;-

डेहरी /डालमियानगर
 शनिवार को जनता दल यूनाइटेड ने डिहरी प्रखंड कार्यालय पर प्रखंड अध्यक्ष विकास कुमार सिंह की अध्यक्षता में देश के महानायक बापू महात्मा गांधी और देश के दूरदर्शी और स्पष्ट वादी नेता लाल बहादुर शास्त्री का जयंती मनाया गया प्रखंड अध्यक्ष विकास कुमार सिंह ने कहा कि भारत के इतिहास में गांधी जी और शास्त्री जी दोनों का योगदान अमूल्य है अभी इसे संयोग ही कहा जाएगा कि यह दोनों एक ही तारीख को पैदा हुए हालांकि वर्ष अलग-अलग था प्रखंड अध्यक्ष गांधी जी के विचारों को याद करते हुए कहे कि गांधी जी शिक्षा और गांव की प्रगति की बात करते थे गांधी जी ने कहा था कि वास्तविक शिक्षा वही है जिससे आर्थिक एवं सामाजिक विकास हो साथ ही साथ बिना गांव की प्रगति देश की प्रगति असंभव है महिलाओं को सशक्त और राजनीति में सक्रियता की बात करते हुए कहा करते थे कि राजनीतिक चेतना के मामले में महिलाएं पुरुषों के मुकाबले कहीं अधिक स्पष्ट विचार रखती हैं आज हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय नीतीश कुमार गांधी की राह पर बिहार को लेकर चल रहे हैं और शिक्षा के क्षेत्र में सर्वांगीण विकास प्रगति की राह गांव-गांव तक पहुंचाया महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देकर उनकी भागीदारी सुनिश्चित की पुलिस बल स्वास्थ्य क्षेत्र में महिलाओं को हिस्सेदारी देकर आधी आबादी को बराबरी का हक दिया 2005 तक बिहार में न महिला थाना था नहीं महिला पुलिस लेकिन 2021 तक हर थाने में महिलाओं का पदस्थापना हुआ आंगनबाड़ी और हेल्थ सेंटर के माध्यम से भी महिलाओं को सशक्त बनाने का काम किया गया गांधी जी कहते थे की अंग्रेजों को भगाने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है पूर्ण शराबबंदी  और 2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी की गई इस अवसर पर लाल बहादुर शास्त्री जी के विचारों को भी याद किया गया हालांकि कहने के लिए तो अहिंसा को मानते थे लेकिन अपनी मातृभूमि को सबसे ऊपर रखते थे क्योंकि उसकी रक्षा के लिए दुश्मन को मारना भी मंजूर था भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय शास्त्री जी का नारा जय जवान जय किसान आज भी भारतीयों के हृदय में जिंदा है लाल बहादुर शास्त्री श्वेत क्रांति और हरित क्रांति के जनक थे लाल बहादुर शास्त्री कहां करते थे कि लोगों को सच्चा स्वराज और लोकतंत्र कभी भी  असत्य और अहिंसा के बल से प्राप्त नहीं हो सकता है जो शासन करते हैं उन्हें देखना चाहिए की लोग कैसी प्रतिक्रिया करते हैं क्योंकि लोकतंत्र में जनता ही मुखिया होती है देश की तरक्की के लिए हमें आपस में लड़ने के बजाय गरीबी बीमारी और अज्ञानता से लड़ना होगा इस मौके पर