लोन नहीं चुकाने पर बैंक ने व्यवसाई का मकान किया जप्त लघु उद्योग के नाम पर लोन लेकर चुकता नहीं करना पड़ा महंगा |


 गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-

डेहरी। रोहतास
शहर के गांधीनगर निवासी एक व्यवसाई को लघु उद्योग के नाम पर बैंक से लोन लेकर चुकता नहीं करना महंगा पड़ गया। सोमवार को बैंक कर्मी व पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यवसाई के मकान को अपने कब्जे में ले लिया। बताया जाता है, कि वार्ड नंबर 27 निवासी गिरीश उर्फ अजय चंद्रा ने 5 साल पूर्व 2016 में भारतीय स्टेट बैंक डेहरी शाखा से 99 लाख का लोन लिया था। जिसे आज तक चुकाया नहीं गया । बैंक ने किस्त चुकाने के लिए कई बार नोटिस भी भेजी, लेकिन नोटिस के कोई जवाब नहीं आने पर भारतीय स्टेट बैंक ने यह करवाई किया। इस संदर्भ में सहायक महाप्रबंधक पटना बृज किशोर कुमार ने बताया कि डेहरी भारतीय स्टेट बैंक द्वारा चंद्रा थर्माकोल इंडस्ट्री खोलने के नाम पर 2016 में अजय चंद्रा ने 99 लाख लोन लिया था। लोन लेने के बाद यह फैक्ट्री कई वर्षों से बंद है, लोन की किस्त इनके द्वारा नहीं चुकाई गई। और लोन का दुरुपयोग किया गया। डेहरी भारतीय स्टेट बैंक द्वारा इसकी सूचना पटना ब्रांच को दी गई। इसके बाद 6 महीने से इन्हें लोन चुकाने के लिए बैंक द्वारा नोटिस भेजा गया। इसके बावजूद भी यह पैसा नहीं जमा किए। बैंक का एक करोड़ 15 लाख रुपया बकाया है। बैंक के नियम 2002 के नियम 32 व 34 के तहत कार्रवाई करते हुए इनकी संपत्ति को जप्त की गई है। बैंक द्वारा इन्हें रकम चुकाने की 30 दिनों का समय दिया जाता है, अगर यह 30 दिनों में बैंक की बकाया राशि नहीं चुकाया तो इनकी संपत्ति को बैंक नीलाम करेगी।
अंचला अधिकारी अनामिका कुमारी, बैंक प्रबंधक प्रीतम कुमार पटना के साथ बड़ी संख्या में महिला पुरुष पुरुष पुलिसकर्मी शामिल थे।