केंद्र सरकार के खिलाफ रेलकर्मियों ने किया विशाल विरोध प्रदर्शन |


गौतम कुमार की रिपोर्ट ;- 

डेहरी आन सोन, रोहतास। ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन एवं ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर पुरानी पेंशन बहाल करने भारतीय रेल के निजीकरण करने एवं अपरेंटिस ओके समायोजन करने आदि मुद्दों के समर्थन में आज 0 1 जनवरी 2021 को ईस्‍ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के बैनर तले पूर्व मध्य रेल के सभी मंडल में बड़ी संख्या में रेलकर्मियों ने  विरोध प्रदर्शन किया गया |

 डीडीयू प्लान डिपो में ईसीआरकेयू  के शाखा अध्यक्ष एस पी सिंह ने  विरोध प्रदर्शन   का नेतृत्व किया और कहा कि पुरानी पेंशन बहाली करने भारतीय रेलवे का निजीकरण करने के विरोध करने के साथ ही अपरेंटिसों को रेल में समायोजन करने को लेकर आंदोलन की रणनीति तैयार की गई है |लार्जेस स्कीम ,फ्रिज डीए को मुक्त कराने और नाइट ड्यूटी एलाउंस की बहाली सहित 76000 रेलवे स्टेशनों पर रेल बचाओ देश बचाओ समितियों का गठन कर देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा |इसीलिए युवाओं महिलाओं को संगठित करने के अलावा आम आदमी को भी हर हाल में साथ जोड़कर  जनआंदोलन की जमीन तैयार करना होगा |

ईसीआरकेयू के केंद्रीय संगठन मंत्री बी0 बी0पासवान ने रेल कर्मचारियों को नए साल की हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं देते हुए रेल कर्मचारियों को हाह्वान करते हुए कहा कि नया साल रेल कर्मियों के लिए संघर्ष एवं आंदोलन का होगा |

  आगे उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों को बुढापे में समाजिक सुरक्षा प्रदान करती थी | उसे भी यह सरकार छीनने का काम किया है एवं  1 जनवरी 2004 के बाद बहाल हुए कर्मचारियों पर न्यू पेंशन स्कीम जबरदस्ती थोपने का कार्य किया है | पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कई सालों से भारत सरकार और रेल मंत्रालय से बात हो रही है |सरकार से कई बार भरोसा भी मिला कि वह इस पर गंभीरता से विचार कर रही हैं | लेकिन आज तक मंत्रालय की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है | क्योंकि लाखों युवाओं के भविष्य का मामला है इसलिए पुरानी पेंशन की बहाली के मसले को यूनियन छोड़ नहीं सकती |इस मसले पर सरकार तक आवाज पहुंचाने के लिए साल का पहला दिन जबरदस्त तरीके से पूरे भारतीय रेलवे के कर्मचारियों  ने विरोध प्रदर्शन के माध्यम से रेल कर्मियों की आवाज भारत सरकार तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है | अगर सरकार हमारी मांगों पर विचार नहीं करेगी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा |

 सुल्तान अहमद शाखा मंत्री सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नया साल रेल कर्मचारियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है | इसीलिए अभी से कर्मचारियों को एक झंडे के नीचे एकजुट करना होगा | भारत सरकार के खिलाफ नए साल में आमना-सामना होना तय हैं | क्योंकि रेल मंत्रालय की पूरी कोशिश है कि भारतीय रेल को निजी हाथों में सौंपा जाए | लेकिन यूनियन को हर हाल में निजी करण मंजूर नहीं हैं |

इस अवसर पर मुख्य रुप से ए0 के0 उपाध्याय, अशोक कुमार गुप्ता ,रामजी यादव ,केदारनाथ तिवारी, मोहन राम, दिनेश कुमार सिंह, बी0 बी0 सिंह, बृजमोहन लाल, अशोक कुमार ,अरविंद कुमार, रमेश कुमार श्रीवास्तव ,विजय बहादुर प्रसाद सिंह ,जीत बहादुर थापा ,राकेश कुमार सिंह ,संजय कुमार शर्मा ,असलम आरजू ,ऋषिकेश यादव, करमजीत प्रसाद ,महेश कुमार ,कृष्णा शाह ,अमित अंथोनी मुर्मू,मुकेश पासवान,राजेश कुमार आदि यूनियन पदाधिकारी उपस्थित रहे |