रेलवे ने कोरोना के आपदा को अवसर में बदलते हुए की भारी कमाई।



 


मो इक़बाल(IRTS) 

मंडल वाणिज्य प्रबंधक सह जनसंपर्क अधिकारी, डीडीयू रेल मंडल, पूमरे

गौतम कुमार की रिपोर्ट;-

 के बीरेन्द्र, डेहरी। पंडित दीन दयाल उपाध्याय  रेल मंडल(डीडीयू) की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट(बीडीयू) द्वारा माल लदान में वृद्धि करते हुए रेल राजस्व में बढ़ोतरी हेतु उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। अप्रत्याशित प्रचंड कोरोना महामारी से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने के बावजूद डीडीयू मंडल के बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के प्रयासों से इस वित्तीय वर्ष में अब तक माल परिवहन से संबंधित कई उल्लेखनीय व महत्वपूर्ण कार्य किए गए व उपलब्धियां प्राप्त की गयीं।

वर्तमान कोरोना काल में डीडीयू मंडल द्वारा खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय कार्य किया गया। 

इस आशय की जानकारी देते हुए भारतीय रेल सेवा 2013 बैच के मंडल वाणिज्य प्रबंधक सह  डीडीयू रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मो इक़बाल ने बताया कि  वित्तीय वर्ष 2020-21 में 22.12.2020 तक डीडीयू मंडल द्वारा खाद्यान्न लदान के माध्यम से पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 की समान अवधि में अर्जित राजस्व लगभग 10 करोड़ 03 लाख 46 हज़ार रुपए की तुलना में लगभग 78 प्रतिशत अधिक लगभग ₹17 करोड़ 92 लाख 57 हज़ार रुपए के राजस्व का अर्जन किया गया जो बड़ी उपलब्धि है। डीडीयू मंडल में वर्तमान वित्तीय वर्ष में 22.12.2020 तक पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में किये गए 58 रेक से कहीं अधिक 79.50 रेक खाद्यान्न का लदान किया जा चुका है। कोरोना काल की बाधाओं के बावजूद डीडीयू मंडल द्वारा समग्र माल लदान से इस वित्तीय वर्ष में 22.12.2020 तक पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में अर्जित राजस्व से 02 प्रतिशत अधिक राजस्व अर्जित किया गया है जो उल्लेखनीय है।

इस वित्तीय वर्ष में डीडीयू मंडल द्वारा पहली बार सोन नगर से क्लिंकर के लदान की शुरुआत तथा मानपुर से बालू के लदान की शुरुआत कर रेल राजस्व के नए स्रोतों का सृजन किया गया है।  मंडल की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट(बीडीयू) के लगातार जारी प्रयासों से आने वाले दिनों में माल लदान से राजस्व अर्जन में और वृद्धि की आशा है।

 पीआरओ मो इक़बाल ने कहा कि रेल प्रबंधक राजेश कुमार पाण्डेय  के नेतृत्व में डीडीयू मंडल के वाणिज्य विभाग द्वारा पार्सल लोडिंग के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। निरंतर प्रयास के फलस्वरूप मंडल के डीडीयू जंक्शन से विभिन्न स्थानों के लिए चिरौंजी, पेपर रोल, सौंदर्य प्रसाधन, पान के पत्ते, बनारसी साड़ी आदि पार्सल के माध्यम से भेजने की शुरुआत हुई। संबंधित व्यापारियों द्वारा पूर्व में ये सामग्रियां रेल के बजाय अन्य परिवहन माध्यम से भेजी जाती थी। डीडीयू जंक्शन से इन सामग्रियों की पार्सल बुकिंग की शुरुआत मंडल के लिए राजस्व का नया स्रोत है।

 उन्होंने कहा कि कोरोना काल में आपदा को अवसर में बदलते हुए डीडीयू मंडल द्वारा माल लदान में वृद्धि के साथ-साथ किसानों, व्यापारियों एवं उद्यमियों की सुविधा हेतु माल लदान को और सुविधाजनक तथा सुलभ बनाने हेतु कई कार्य किए गए हैं। माल लदान क्षमता में वृद्धि के मद्देनजर सोन नगर गुड्स शेड में एक और रेल लाइन माल लदान को समर्पित की गई तथा वहां वार्फ बनाया गया। अब सोन नगर गुड्स शेड में माल लदान के लिए दो लाइनें हैं। मंडल के इस्माइलपुर स्टेशन पर गुड्स शेड की शुरूआत की गई। माल की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए मंडल के कोशिआरा गुड्स शेड में वार्फ  बनाया तथा गया गुड्स शेड में वार्फ का सुदृढ़ीकरण किया गया। इसके अलावा मंडल के सभी गुड्स शेडों में समुचित लाइटिंग व्यवस्था भी की गई है। वर्तमान में रेलवे द्वारा माल भाड़ा ग्राहकों के लाभ एवं प्रोत्साहन हेतु कई रियायतें व सहूलियतें प्रदान की जा रही हैं जिनका विवरण माल भाड़ा ग्राहकों की सुविधा हेतु मंडल के सभी गुड्स शेडों में भी प्रदर्शित किया गया है। कोरोना के मद्देनजर निरंतर संपर्क हेतु आधुनिक तकनीकी का सहारा लेते हुए मंडल के वाणिज्य विभाग द्वारा मौजूदा के साथ साथ संभावित माल भाड़ा ग्राहकों के साथ निरंतर वेबीनार आयोजित कर उन्हें रेल से माल परिवहन संबंधी सुविधाओं तथा दी जा रही रियायतों व सहूलियतों की जानकारी दी जा रही है और नए मालभाड़ा ग्राहक बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। डीडीयू मंडल द्वारा निजी निवेश के माध्यम से भी गुड्स शेडों पर सुविधाओं की बेहतरी व विस्तार के प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में डीडीयू मंडल के चिन्हित पांच गुड्स शेडों यथा- सोन नगर, इस्माइलपुर, कोशिआरा, जपला और मानपुर गुड्स शेड पर निजी निवेश से सुविधाओं के विस्तार व रखरखाव हेतु निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।