अकस सदस्यों ने किया मौन आंदोलन।


गौतम कुमार शर्मा
डेहरी/ रोहतास
प्रधानमंत्री से कलाकारों को आर्थिक सहयोग देने की लगाई गुहार।
ऑल इंडिया थिएटर काउंसिल के आह्वान पर देशभर के कलाकारों ने रखा मौन।
कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर देश ही नहीं दुनिया आर्थिक संकट से गुजर रहा है। ऐसे में कलाकारों ने को आर्थिक सहयोग देने की मांग पर अभिनव कला संगम के सदस्यों ने मंगलवार को प्रतीकात्मक मौन आंदोलन किया। ऑल इंडिया थिएटर काउंसिल के राष्ट्रीय समिति के आह्वान पर देशभर के कलाकारों ने मौन कार्यक्रम किया है। सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए अपने अपने घरों में परिवार के साथ संस्था के अध्यक्ष प्रो रणधीर सिन्हा, महासचिव कौशलेंद्र कुशवाहा समेत सभी सदस्यों ने मौन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। संस्थापक सलाहकार रामकृष्ण  उर्फ बड़कू शर्मा तथा संयोजक आशुतोष श्रीवास्तव दीपक ने कहा कि कोरोना वायरस की आपात स्थिति में लॉक डाउन का पालन कर रहे रंग कर्मियों को के समक्ष आर्थिक संकट पैदा हो गया है। क्योंकि अमूमन कलाकार मध्यम वर्ग से आते हैं। जिनके लिए कल्याणकारी योजना सरकार के बजट में ना के बराबर होती है। यह कलाकार सरकार से प्राप्त सहयोग से ही सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार करते हैं। और परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जो वर्तमान में बंद हो गया है। कोई प्रोजेक्ट नहीं पा सकते हैं। फैलोशिप और अनुदान सही रूप से रंग कर्मियों तक नहीं पहुंच पाता है। रंगमंच की समृद्धि का बजटीय प्रावधान नहीं रहने से ही कलाकार दूभर जिंदगी जीने को विवश हैं। कला संस्कृति को बढ़ावा देने वाले कलाकार अपने साधनों से नाटक संगीत लोक नृत्य व लोक कलाओं को जीवित रखने के लिए दृढ़ संकल्पित है परंतु उनका भी परिवार है भोजन आवास व बच्चों की पढ़ाई में खर्च आता है उन लोगों के पास बैंक बैलेंस भी नहीं के बराबर है वे लंबी बंदी का दृढ़ता से पालन कर रहे हैं और अपील भी कर रहे हैं परंतु हमें देश भर से कलाकारों के समक्ष आर्थिक संकट की जो रिपोर्ट आ रही है वह भयानक है उन्होंने प्रधानमंत्री से प्रति कलाकारों को न्यूनतम ₹10000 का सहयोग देने की अपील की। मोहन कार्यक्रम करने वालों में संरक्षक फतेह सिंह, कोषाध्यक्ष संतोष कुमार नीरज, सचिव कमलेश कुमार, शशि श्रीवास्तव, शंभू गुप्ता, कुंदन सिंह, संजय यादव, कृष्णा सिंह, मुन्ना सिंह, मनोज अज्ञानी, रवि शेखर, इंद्रकुमार बाघा, मुकुल मणि, बबलू तिवारी समेत अन्य शामिल थे।