गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-
डेहरी /रोहतास
रोहतास जिले के जमुहर स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित नारायण कृषि विज्ञान संस्थान के तत्वावधान में सासाराम प्रखंड के भरकुडिया गांव में किसानों के बीच रबी फसलों के प्रबंधन एवं नवीनतम तकनीक पर आधारित कृषि से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषकों के बीच संस्थान के वैज्ञानिकों ने मृदा परीक्षण ,उर्वरकों का प्रयोग एवं कीट प्रबंधन से संबंधित विशेष जानकारी प्रदान की। गोष्ठी के मुख्य आयोजक संस्थान के निदेशक प्रोफेसर एसपी सिंह, संकाय प्रमुख प्रोफेसर उदय प्रताप सिंह एवं डॉ संदीप कुमार मौर्य रहे ।गोष्ठी में किसानों को खेतों में खड़ी फसलों में लगने वाली बीमारियों एवं कीड़ों के नियंत्रण की जानकारी दी गई साथ ही मृदा परीक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही गई जिससे किसान अपने खेत में उर्वरकों का संतुलित मात्रा में प्रयोग करें और अपनी लागत को कम कर सकें । वैज्ञानिकों ने किसानों को खेती की विधि बताए एवं किसानों को अपनी मिट्टी के अंदर पाए जाने वाले विभिन्न तत्वों की मात्रा का पता लगाकर ही खेतों में उर्वरकों के प्रयोग की विधि की जानकारी प्रदान की। संस्थान के वैज्ञानिक डॉक्टर सक्सेना रवि प्रकाश नारायण ने फसलों में कीट नियंत्रण की समेकित विधि के बारे में जानकारी प्रदान की ।संस्थान के मत्स्य पालन विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर चंद्रशेखर चतुर्वेदी ने मछली पालन द्वारा आर्थिक फायदा के बारे में किसानों को जानकारी प्रदान की । डॉ देवांशु देव ने फसलों पर लगने वाले विभिन्न रोगों के पहचानने तथा उनके कम लागत के साथ निदान के लिए किसानों को जागरूक किया। संकाय प्रमुख प्रोफेसर यू पी सिंह ने सभी विषयों पर किसानों को जागरूक करते हुए नारायण कृषि विज्ञान संस्थान से जुड़कर समस्याओं के निदान हेतु जागरूक किया। किसानों की आय को दुगनी करने के लिए किस प्रकार से कृषि को बढ़ावा दिया जाए इस विषय पर कृषि वैज्ञानिकों ने विशेष बल प्रदान किया ।इस किसान गोष्ठी में लगभग ढाई सौ किसानों ने भाग लिया ।आए हुए किसानों को भेंट स्वरूप पौधा उपलब्ध कराया गया तथा पौधे के संरक्षण के प्रति उन्हें प्रतिबद्ध किया गया ।गोष्ठी के दौरान ग्रामीण प्रबंधन एवं कृषि विज्ञान के छात्रों ने गांव का भ्रमण करके किसानों से उनकी समस्याओं को समझा तथा इसे दूर करने के लिए योजना बनाई।