गौतम कुमार,के बीरेन्द्र की रिपोर्ट ;-
बेरमो (कोयलांचल)।आगामी 3-4-5 दिसम्बर को बिहार के रोहतासगढ़ किला पर आयोजित होने वाले शाहाबाद महोत्सव में झारखंड से उरावं समुदाय के लोग भी शामिल होंगे। पिछले पांच दिनों से आयोजन समिति के लोग झारखंड के सोन तटीय इलाके पलामू, गढ़वा के अलावे रांची, बोकारो आदि का दौरा कर सोन तटीय इलाके के बुद्धिजीवियों के साथ हीं विभिन्न क्षेत्रों में अलग पहचान रखने वाले शाहाबाद के अन्य मुल निवासी को आमंत्रित किया।इस दौरान उरावं समुदाय के लोगों को भी इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया। रोहतासगढ़ को अपने पूर्वजों की मातृभूमि मानने वाले उरावं समुदाय के लोगों में इस आयोजन को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है।
बोकारो जिले के बेरमो कोयलांचल स्थित ऑफीसर्स क्लब मकोली में बिहार के रोहतासगढ़ किला परिसर में आगामी 3-4-5 दिसम्बर को आयोजित होने वाले शाहाबाद महोत्सव को लेकर एक बैठक हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति के संयोजक अखिलेश कुमार ने इस आयोजन पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा वहां के मूल भोजपुरी भाषी लोगों के साथ उरावं समुदाय के लोगों को भी आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि रोहतासगढ़ किला से हीं देश दुनिया के विभिन्न भागों में उरावं समुदाय के लोग फैले हैं, इसलिए उनके पूर्वजों के भूमि पर आयोजित शाहाबाद महोत्सव में आमंत्रित करने हमलोग आए हैं। बैठक में मुख्य रूप से फुसरो नगर परिषद चेयरमैन राकेश कुमार सिंह, ललन सिंह गिरजा शंकर पान्डेय, लाखन सिंह, गोमिया के पूर्व प्रमुख कुंती उरावं, शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति के रमेश कुमार उर्फ पप्पू जी, स्यंदन सुमन, धीरज सिंह, बैरिस्टर सिंह सत्येंद्र ओझा प्रदेश अध्यक्ष भोजपुरी समाज अभय सिंह आदि अपना विचार अभिव्यक्त किये।
इस दौरान आए हुए अतिथियों को बुके और साल ओढाकर सम्मानित किया।
वहीं एक अन्य प्रश्न के जवाब में भोजपुरी भाषा के विस्तारीकरण को लेकर चर्चित समाजसेवी और बिहार के जाने-माने पत्रकार अखिलेश कुमार ने कहा कि भोजपुरी भाषा हर प्रांत और लगभग सभी देशों में बोली जाती है। भाषा का कोई क्षेत्र नहीं होता।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भोजपुरी भाषा पर दिया बयान निंदनीय है।ऐसे बयानों से उनकी छोटी सोच और मानसिकता को दर्शाता है।मूख्यमंत्री विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
