गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-
डेहरी /रोहतास
केंद्र सरकार ने 18 माह से कोविड आपदा के कारण फ्रिज किया हुआ महंगाई भत्ता को पुनः अनफ्रीज़ कर दिया।इसके लिए लगतार भारत की सबसे बड़ीकर्मचारी संगठन ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन एवं ईस्टसेंट्रल रेलवेकर्मचारी यूनियन के केन्द्रीय महामंत्री एसएन पी श्रीवास्तव एवं कार्यकारी अध्यक्ष मिथिलेश कुमार के नेतृत्व में लगातार रेलकर्मियों के द्वारा आंदोलन एव धरने- प्रदर्शन किया जा रहा था।
ईसीआरकेयू उपाध्यक्ष वीरेन्द्र पासवान ने बताया कि लगभग 3 सालो से बंद एनसीजेसीएम की बैठक को एआईआरएफ के महामंत्री शीवगोपाल मिश्रा के दबाव में 26 जून 2021 को आखिकार कैबिनेट सेक्रेटरी भारत सरकार द्वारा कराई गई थी। जिसमे मंहगाई भत्ता पुनः चालू करने की प्रस्ताव की तस्वीकृति दे दी गयी थी। परन्तु उस दिन कैबिनेट सेक्रेटरी द्वारा यह कहा गया था कि इस प्रस्ताव को शीघ्र कैबिनेट में पास करने के बाद ही इसकी घोषणा की जाएगी। आज उसी एन सी जे सी एम में स्वीकार किया प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति प्रदान कर दी गयी। जिसमे 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 तथा 1 जनवरी 2021 को फिये जाने वाले मंहगाई भत्ता को जोड़कर कुल 11% की वृद्धि की गई है। अतः अब 1 जुलाई 2021 से कुल 28 % की दर से सभी केंद्रीय कर्मचारियों को मंहगाई भत्ता तथा पेंशनरों को मंहगाई राहत मिलने का काम होगा।
पासवान ने कहा कि इसके साथ ही मंहगाई भत्ता 25% से अधिक होने पर आवास भत्ता की दर में भी 1% की वृद्धि हो जाएगी। इस प्रकार कुल मिलाकर 12% का लाभ हमारे रेलकर्मियों को मिलेगा। फिर भी 12 महीनों से जो आर्थिक नुकसान कर्मियों को उठाना पड़ा है उसकी क्षतिपूर्ति के लिए एरियर के लिए फेडरेशन के मुखिया शिवगोपाल मिश्रा जी की वार्ता केंद्र सरकार के साथ जारी रहेगी।जल्द ही एरियर भुगतान का भी हल निकाल लिया जाएगा।
